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1जून से आयुष्मान चैटबॉट, खुद देख सकेंगे इलाज पर कितना खर्च

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  : 1 जून से लॉन्च होगा आयुष्मान चैटबॉट: अब मरीज खुद देख सकेंगे इलाज पर हुए खर्च का ब्यौरा 1 जून से आयुष्मान चैटबॉट, खुद देख सकेंगे इलाज पर कितना नई दिल्ली, 30 मई 2024: आयुष्मान भारत योजना के तहत एक बड़ा डिजिटल अपडेट सामने आया है। 1 जून 2024 से मरीजों को इलाज के दौरान हुए खर्च का रियल-टाइम ब्यौरा देखने की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने "आयुष्मान चैटबॉट" नामक इस नई सेवा की घोषणा की है, जो पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। कैसे काम करेगा आयुष्मान चैटबॉट? यह चैटबॉट आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। मरीज अपने आयुष्मान कार्ड नंबर या मोबाइल नंबर के जरिए लॉग इन कर सकेंगे। "मेरा खर्च देखें" विकल्प पर क्लिक करते ही इलाज से जुड़े सभी बिल (दवाइयाँ, टेस्ट, अस्पताल की फीस) का विवरण दिखेगा। यूजर्स खर्च का विश्लेषण भी कर सकेंगे, जैसे कि सरकारी सब्सिडी की रकम और उनका शेष बैलेंस। पारदर्शिता और सुविधा का नया दौर इस नई तकनीक के चार मुख्य फायदे होंगे: धोखाधड़ी पर रोक: अस्पतालों द्वारा गलत बिलिंग की शिकायतों ...

क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, जानने के लिए जरूर पढ़ें रोचक इतिहास

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  मदर्स डे का इतिहास और महत्व मदर्स डे दुनिया भर में माताओं और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इसका इतिहास काफी रोचक और बहुस्तरीय है, जो प्राचीन संस्कृतियों से लेकर आधुनिक समाज तक फैला हुआ है। क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, जानने के लिए जरूर पढ़ें  1. प्राचीन मूल ग्रीक और रोमन संस्कृति:प्राचीन ग्रीस में "साइबेले" (पृथ्वी और उर्वरता की देवी) के सम्मान में वार्षिक उत्सव मनाया जाता था। रोमनों ने इसे "हिलारिया" नामक त्योहार के रूप में अपनाया, जिसमें माताओं को समर्पित अनुष्ठान किए जाते थे। देवी पूजा:भारत और मिस्र जैसी संस्कृतियों में भी मातृ देवियों (जैसे दुर्गा, आइसिस) की पूजा की परंपरा रही है, जो मातृत्व के प्रतीक हैं। 2. ईसाई परंपरा: मदरिंग संडे ब्रिटेन की परंपरा:16वीं सदी में ब्रिटेन में "मदरिंग संडे" मनाया जाता था, जो लेंट (ईसाई उपवास काल) के चौथे रविवार को पड़ता था। इस दिन लोग अपने मूल चर्च (मदर चर्च) जाते थे और माताओं को सम्मान देते थे। पारिवारिक मिलन:इस अवसर पर नौकरों और बच्चों को छुट्टी मिलती थी, ताकि वे अपने परिवार के साथ समय ब...